पंचांग 25 अगस्त 2024

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

25 अगस्त 2024 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:18
सूर्यास्त18:54
चंद्रोदय23:10
चंद्रास्त11:44
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
संवत्सर:
क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
मेष 22:29 तक, फिर वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 03:39 (26 अग॰) तक, फिर कृष्ण अष्टमी 02:20 (27 अग॰) तक
नक्षत्र
भरणी 16:45 तक, फिर कृत्तिका 15:55 (26 अग॰) तक
योग
ध्रुव 00:28 (26 अग॰) तक, फिर व्याघात 22:16 (26 अग॰) तक
करण
विष्टि 16:31 तक, फिर बव 03:39 (26 अग॰) तक, फिर बालव 14:55 (26 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:01
  • राहु काल17:19 – 18:54
  • यमगंड12:36 – 14:10
  • गुलिक काल15:45 – 17:19

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:18 – 07:53
  • चर(सामान्य)07:53 – 09:27
  • लाभ(शुभ)09:27 – 11:01
  • अमृत(शुभ)11:01 – 12:36
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:36 – 14:10
  • शुभ(शुभ)14:10 – 15:45
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:45 – 17:19
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:19 – 18:54

रात

  • शुभ(शुभ)18:54 – 20:19
  • अमृत(शुभ)20:19 – 21:45
  • चर(सामान्य)21:45 – 23:10
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:10 – 00:36 (26 अग॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:36 (26 अग॰) – 02:02 (26 अग॰)
  • लाभ(शुभ)02:02 (26 अग॰) – 03:27 (26 अग॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:27 (26 अग॰) – 04:53 (26 अग॰)
  • शुभ(शुभ)04:53 (26 अग॰) – 06:18 (26 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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