पंचांग 28 जनवरी 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
28 जनवरी 2025 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:26
चंद्रोदय07:01 (29 जन॰)
चंद्रास्त17:19
- मास:
- पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
- संवत्सर:
- क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- धनु 14:52 तक, फिर मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 19:36 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 18:06 (29 जन॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 08:58 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 08:20 (29 जन॰) तक
- योग
- वज्र 23:51 तक, फिर सिद्धि 21:21 (29 जन॰) तक
- करण
- विष्टि 08:10 तक, फिर शकुनि 19:36 तक, फिर चतुष्पद 06:54 (29 जन॰) तक, फिर नाग 18:06 (29 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:24 – 13:10
- राहु काल15:36 – 17:01
- यमगंड09:58 – 11:22
- गुलिक काल12:47 – 14:12
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:08 – 08:33
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:33 – 09:58
- चर(सामान्य)09:58 – 11:22
- लाभ(शुभ)11:22 – 12:47
- अमृत(शुभ)12:47 – 14:12
- काल(वर्जित (परंपरा))14:12 – 15:36
- शुभ(शुभ)15:36 – 17:01
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:01 – 18:26
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:26 – 20:01
- लाभ(शुभ)20:01 – 21:36
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:36 – 23:12
- शुभ(शुभ)23:12 – 00:47 (29 जन॰)
- अमृत(शुभ)00:47 (29 जन॰) – 02:22 (29 जन॰)
- चर(सामान्य)02:22 (29 जन॰) – 03:58 (29 जन॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:58 (29 जन॰) – 05:33 (29 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:33 (29 जन॰) – 07:08 (29 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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