पंचांग 7 मई 2025

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 मई 2025 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:04
सूर्यास्त18:58
चंद्रोदय14:47
चंद्रास्त03:15 (8 मई)
मास:
वैशाख (अमांत)
संवत:
शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
संवत्सर:
विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
सिंह 00:57 (8 मई) तक, फिर कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
शुक्ल दशमी 10:20 तक, फिर शुक्ल एकादशी 12:29 (8 मई) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 18:17 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 21:06 (8 मई) तक
योग
व्याघात 01:04 (8 मई) तक, फिर हर्षण 01:56 (9 मई) तक
करण
गर 10:20 तक, फिर वणिज 23:22 तक, फिर विष्टि 12:29 (8 मई) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:57परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:31 – 14:07
  • यमगंड07:40 – 09:17
  • गुलिक काल10:54 – 12:31

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:04 – 07:40
  • अमृत(शुभ)07:40 – 09:17
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:17 – 10:54
  • शुभ(शुभ)10:54 – 12:31
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:07
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:07 – 15:44
  • चर(सामान्य)15:44 – 17:21
  • लाभ(शुभ)17:21 – 18:58

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:58 – 20:21
  • शुभ(शुभ)20:21 – 21:44
  • अमृत(शुभ)21:44 – 23:07
  • चर(सामान्य)23:07 – 00:30 (8 मई)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:30 (8 मई) – 01:54 (8 मई)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:54 (8 मई) – 03:17 (8 मई)
  • लाभ(शुभ)03:17 (8 मई) – 04:40 (8 मई)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:40 (8 मई) – 06:03 (8 मई)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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