पंचांग 15 जुलाई 2025

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

15 जुलाई 2025 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:06
सूर्यास्त19:14
चंद्रोदय22:38
चंद्रास्त10:03
मास:
आषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
संवत्सर:
विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
कुंभ 23:58 तक, फिर मीन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 22:39 तक, फिर कृष्ण षष्ठी 21:02 (16 जुल॰) तक
नक्षत्र
शतभिषा 06:26 तक, फिर पूर्वभाद्रपदा 05:46 (16 जुल॰) तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 04:50 (17 जुल॰) तक
योग
सौभाग्य 14:12 तक, फिर शोभन 11:57 (16 जुल॰) तक
करण
कौलव 11:22 तक, फिर तैतिल 22:39 तक, फिर गर 09:53 (16 जुल॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:06
  • राहु काल15:57 – 17:36
  • यमगंड09:23 – 11:01
  • गुलिक काल12:40 – 14:19

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:06 – 07:44
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:44 – 09:23
  • चर(सामान्य)09:23 – 11:01
  • लाभ(शुभ)11:01 – 12:40
  • अमृत(शुभ)12:40 – 14:19
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:19 – 15:57
  • शुभ(शुभ)15:57 – 17:36
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:36 – 19:14

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))19:14 – 20:36
  • लाभ(शुभ)20:36 – 21:57
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:57 – 23:19
  • शुभ(शुभ)23:19 – 00:40 (16 जुल॰)
  • अमृत(शुभ)00:40 (16 जुल॰) – 02:02 (16 जुल॰)
  • चर(सामान्य)02:02 (16 जुल॰) – 03:23 (16 जुल॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:23 (16 जुल॰) – 04:45 (16 जुल॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:45 (16 जुल॰) – 06:06 (16 जुल॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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