पंचांग 7 अगस्त 2025

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 अगस्त 2025 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:14
सूर्यास्त19:06
चंद्रोदय17:49
चंद्रास्त05:00 (8 अग॰)
मास:
श्रावण (अमांत)
संवत:
शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
संवत्सर:
विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कर्क
चंद्र राशि:
धनु 20:11 तक, फिर मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 14:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 14:12 (8 अग॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 14:01 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 14:28 (8 अग॰) तक
योग
विष्कम्भ 06:42 तक, फिर प्रीति 05:38 (8 अग॰) तक, फिर आयुष्मान 04:08 (9 अग॰) तक
करण
तैतिल 14:28 तक, फिर गर 02:24 (8 अग॰) तक, फिर वणिज 14:12 (8 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:05
  • राहु काल14:16 – 15:53
  • यमगंड06:14 – 07:50
  • गुलिक काल09:27 – 11:03

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:14 – 07:50
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:50 – 09:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:03
  • चर(सामान्य)11:03 – 12:40
  • लाभ(शुभ)12:40 – 14:16
  • अमृत(शुभ)14:16 – 15:53
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:53 – 17:29
  • शुभ(शुभ)17:29 – 19:06

रात

  • अमृत(शुभ)19:06 – 20:29
  • चर(सामान्य)20:29 – 21:53
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:53 – 23:16
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:16 – 00:40 (8 अग॰)
  • लाभ(शुभ)00:40 (8 अग॰) – 02:03 (8 अग॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:03 (8 अग॰) – 03:27 (8 अग॰)
  • शुभ(शुभ)03:27 (8 अग॰) – 04:50 (8 अग॰)
  • अमृत(शुभ)04:50 (8 अग॰) – 06:14 (8 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें