पंचांग 13 सितंबर 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
13 सितंबर 2025 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:22
सूर्यास्त18:38
चंद्रोदय23:01
चंद्रास्त11:50
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
- संवत्सर:
- विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- वृषभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 07:23 तक, फिर कृष्ण सप्तमी 05:04 (14 सित॰) तक, फिर कृष्ण अष्टमी 03:06 (15 सित॰) तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका 10:11 तक, फिर रोहिणी 08:41 (14 सित॰) तक
- योग
- हर्षण 10:32 तक, फिर वज्र 07:35 (14 सित॰) तक
- करण
- वणिज 07:23 तक, फिर विष्टि 18:11 तक, फिर बव 05:04 (14 सित॰) तक, फिर बालव 16:03 (14 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:54
- राहु काल09:26 – 10:58
- यमगंड14:02 – 15:34
- गुलिक काल06:22 – 07:54
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:22 – 07:54
- शुभ(शुभ)07:54 – 09:26
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:58
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:30
- चर(सामान्य)12:30 – 14:02
- लाभ(शुभ)14:02 – 15:34
- अमृत(शुभ)15:34 – 17:06
- काल(वर्जित (परंपरा))17:06 – 18:38
रात
- लाभ(शुभ)18:38 – 20:06
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:06 – 21:34
- शुभ(शुभ)21:34 – 23:02
- अमृत(शुभ)23:02 – 00:30 (14 सित॰)
- चर(सामान्य)00:30 (14 सित॰) – 01:58 (14 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))01:58 (14 सित॰) – 03:26 (14 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:26 (14 सित॰) – 04:54 (14 सित॰)
- लाभ(शुभ)04:54 (14 सित॰) – 06:22 (14 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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