पंचांग 8 नवंबर 2025

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

8 नवंबर 2025 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:37
सूर्यास्त17:58
चंद्रोदय20:41
चंद्रास्त09:33
मास:
कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
संवत्सर:
विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
तुला
चंद्र राशि:
वृषभ 11:14 तक, फिर मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 07:32 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 04:26 (9 नव॰) तक, फिर कृष्ण पंचमी 01:55 (10 नव॰) तक
नक्षत्र
मृगशीर्ष 22:02 तक, फिर आर्द्रा 20:04 (9 नव॰) तक
योग
शिव 18:31 तक, फिर सिद्ध 15:02 (9 नव॰) तक
करण
विष्टि 07:32 तक, फिर बव 17:55 तक, फिर बालव 04:26 (9 नव॰) तक, फिर कौलव 15:05 (9 नव॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:40
  • राहु काल09:27 – 10:53
  • यमगंड13:43 – 15:08
  • गुलिक काल06:37 – 08:02

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:37 – 08:02
  • शुभ(शुभ)08:02 – 09:27
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 10:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:53 – 12:18
  • चर(सामान्य)12:18 – 13:43
  • लाभ(शुभ)13:43 – 15:08
  • अमृत(शुभ)15:08 – 16:33
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:33 – 17:58

रात

  • लाभ(शुभ)17:58 – 19:33
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:33 – 21:08
  • शुभ(शुभ)21:08 – 22:43
  • अमृत(शुभ)22:43 – 00:18 (9 नव॰)
  • चर(सामान्य)00:18 (9 नव॰) – 01:53 (9 नव॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:53 (9 नव॰) – 03:28 (9 नव॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:28 (9 नव॰) – 05:03 (9 नव॰)
  • लाभ(शुभ)05:03 (9 नव॰) – 06:38 (9 नव॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें