पंचांग 13 नवंबर 2025

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

13 नवंबर 2025 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:40
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय01:41 (14 नव॰)
चंद्रास्त13:44
मास:
कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
संवत्सर:
विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
तुला
चंद्र राशि:
सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 23:34 तक, फिर कृष्ण दशमी 00:50 (15 नव॰) तक
नक्षत्र
मघा 19:38 तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी 21:20 (14 नव॰) तक
योग
ब्रह्म 06:57 तक, फिर इन्द्र 06:27 (14 नव॰) तक, फिर वैधृति 06:25 (15 नव॰) तक
करण
तैतिल 11:11 तक, फिर गर 23:34 तक, फिर वणिज 12:07 (14 नव॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:56 – 12:41
  • राहु काल13:43 – 15:08
  • यमगंड06:40 – 08:04
  • गुलिक काल09:29 – 10:54

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:40 – 08:04
  • रोग(वर्जित (परंपरा))08:04 – 09:29
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:29 – 10:54
  • चर(सामान्य)10:54 – 12:18
  • लाभ(शुभ)12:18 – 13:43
  • अमृत(शुभ)13:43 – 15:08
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:08 – 16:32
  • शुभ(शुभ)16:32 – 17:57

रात

  • अमृत(शुभ)17:57 – 19:32
  • चर(सामान्य)19:32 – 21:08
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:08 – 22:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))22:43 – 00:19 (14 नव॰)
  • लाभ(शुभ)00:19 (14 नव॰) – 01:54 (14 नव॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:54 (14 नव॰) – 03:29 (14 नव॰)
  • शुभ(शुभ)03:29 (14 नव॰) – 05:05 (14 नव॰)
  • अमृत(शुभ)05:05 (14 नव॰) – 06:40 (14 नव॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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