पंचांग 24 दिसंबर 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
24 दिसंबर 2025 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:03
सूर्यास्त18:04
चंद्रोदय10:15
चंद्रास्त21:52
- मास:
- पौष (अमांत)
- संवत:
- शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
- संवत्सर:
- विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- मकर 19:46 तक, फिर कुंभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी 13:11 तक, फिर शुक्ल पंचमी 13:43 (25 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- श्रवण 07:07 तक, फिर धनिष्ठा 08:18 (25 दिस॰) तक
- योग
- हर्षण 16:02 तक, फिर वज्र 15:13 (25 दिस॰) तक
- करण
- विष्टि 13:11 तक, फिर बव 01:30 (25 दिस॰) तक, फिर बालव 13:43 (25 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:12 – 12:56परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:34 – 13:56
- यमगंड08:26 – 09:48
- गुलिक काल11:11 – 12:34
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)07:03 – 08:26
- अमृत(शुभ)08:26 – 09:48
- काल(वर्जित (परंपरा))09:48 – 11:11
- शुभ(शुभ)11:11 – 12:34
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:34 – 13:56
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:56 – 15:19
- चर(सामान्य)15:19 – 16:42
- लाभ(शुभ)16:42 – 18:04
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:04 – 19:42
- शुभ(शुभ)19:42 – 21:19
- अमृत(शुभ)21:19 – 22:56
- चर(सामान्य)22:56 – 00:34 (25 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:34 (25 दिस॰) – 02:11 (25 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:11 (25 दिस॰) – 03:49 (25 दिस॰)
- लाभ(शुभ)03:49 (25 दिस॰) – 05:26 (25 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:26 (25 दिस॰) – 07:03 (25 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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