पंचांग 6 जनवरी 2026
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
6 जनवरी 2026 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:12
चंद्रोदय21:20
चंद्रास्त09:34
- मास:
- पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
- संवत्सर:
- विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- कर्क 12:17 तक, फिर सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया 08:02 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 06:53 (7 जन॰) तक, फिर कृष्ण पंचमी 06:34 (8 जन॰) तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 12:17 तक, फिर मघा 11:56 (7 जन॰) तक
- योग
- प्रीति 20:21 तक, फिर आयुष्मान 18:33 (7 जन॰) तक
- करण
- विष्टि 08:02 तक, फिर बव 19:21 तक, फिर बालव 06:53 (7 जन॰) तक, फिर कौलव 18:37 (7 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:18 – 13:02
- राहु काल15:26 – 16:49
- यमगंड09:54 – 11:17
- गुलिक काल12:40 – 14:03
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:08 – 08:31
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:31 – 09:54
- चर(सामान्य)09:54 – 11:17
- लाभ(शुभ)11:17 – 12:40
- अमृत(शुभ)12:40 – 14:03
- काल(वर्जित (परंपरा))14:03 – 15:26
- शुभ(शुभ)15:26 – 16:49
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:49 – 18:12
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:12 – 19:49
- लाभ(शुभ)19:49 – 21:26
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:26 – 23:03
- शुभ(शुभ)23:03 – 00:40 (7 जन॰)
- अमृत(शुभ)00:40 (7 जन॰) – 02:17 (7 जन॰)
- चर(सामान्य)02:17 (7 जन॰) – 03:54 (7 जन॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:54 (7 जन॰) – 05:31 (7 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:31 (7 जन॰) – 07:08 (7 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें