पंचांग 8 जनवरी 2026
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 जनवरी 2026 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:13
चंद्रोदय23:07
चंद्रास्त10:49
- मास:
- पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
- संवत्सर:
- विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- सिंह 18:39 तक, फिर कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 07:05 (9 जन॰) तक, फिर कृष्ण सप्तमी 08:24 (10 जन॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाफाल्गुनी 12:24 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 13:40 (9 जन॰) तक
- योग
- सौभाग्य 17:25 तक, फिर शोभन 16:55 (9 जन॰) तक
- करण
- गर 18:43 तक, फिर वणिज 07:05 (9 जन॰) तक, फिर विष्टि 19:39 (9 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:19 – 13:03
- राहु काल14:04 – 15:27
- यमगंड07:08 – 08:31
- गुलिक काल09:54 – 11:18
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)07:08 – 08:31
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:31 – 09:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:54 – 11:18
- चर(सामान्य)11:18 – 12:41
- लाभ(शुभ)12:41 – 14:04
- अमृत(शुभ)14:04 – 15:27
- काल(वर्जित (परंपरा))15:27 – 16:50
- शुभ(शुभ)16:50 – 18:13
रात
- अमृत(शुभ)18:13 – 19:50
- चर(सामान्य)19:50 – 21:27
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:27 – 23:04
- काल(वर्जित (परंपरा))23:04 – 00:41 (9 जन॰)
- लाभ(शुभ)00:41 (9 जन॰) – 02:18 (9 जन॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:18 (9 जन॰) – 03:55 (9 जन॰)
- शुभ(शुभ)03:55 (9 जन॰) – 05:32 (9 जन॰)
- अमृत(शुभ)05:32 (9 जन॰) – 07:08 (9 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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