पंचांग 17 जनवरी 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

17 जनवरी 2026 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:19
चंद्रोदय06:48 (18 जन॰)
चंद्रास्त17:00
मास:
पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
संवत्सर:
विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 00:04 (18 जन॰) तक, फिर कृष्ण अमावस्या 01:22 (19 जन॰) तक
नक्षत्र
मूल 08:12 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 10:14 (18 जन॰) तक
योग
व्याघात 21:18 तक, फिर हर्षण 21:11 (18 जन॰) तक
करण
विष्टि 11:16 तक, फिर शकुनि 00:04 (18 जन॰) तक, फिर चतुष्पद 12:46 (18 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:22 – 13:06
  • राहु काल09:57 – 11:20
  • यमगंड14:08 – 15:32
  • गुलिक काल07:09 – 08:33

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:33
  • शुभ(शुभ)08:33 – 09:57
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:57 – 11:20
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:20 – 12:44
  • चर(सामान्य)12:44 – 14:08
  • लाभ(शुभ)14:08 – 15:32
  • अमृत(शुभ)15:32 – 16:55
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:55 – 18:19

रात

  • लाभ(शुभ)18:19 – 19:55
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:55 – 21:32
  • शुभ(शुभ)21:32 – 23:08
  • अमृत(शुभ)23:08 – 00:44 (18 जन॰)
  • चर(सामान्य)00:44 (18 जन॰) – 02:20 (18 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:20 (18 जन॰) – 03:57 (18 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:57 (18 जन॰) – 05:33 (18 जन॰)
  • लाभ(शुभ)05:33 (18 जन॰) – 07:09 (18 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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