पंचांग 7 फ़रवरी 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 फ़रवरी 2026 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:06
सूर्यास्त18:31
चंद्रोदय23:27
चंद्रास्त10:26
मास:
माघ (अमांत) · फाल्गुन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
संवत्सर:
विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
कन्या 13:21 तक, फिर तुला

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 02:54 (8 फ़र॰) तक, फिर कृष्ण सप्तमी 05:01 (9 फ़र॰) तक
नक्षत्र
चित्रा 02:28 (8 फ़र॰) तक, फिर स्वाती 05:03 (9 फ़र॰) तक
योग
शूल 23:40 तक, फिर गण्ड 00:08 (9 फ़र॰) तक
करण
गर 14:02 तक, फिर वणिज 02:54 (8 फ़र॰) तक, फिर विष्टि 15:55 (8 फ़र॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
  • राहु काल09:57 – 11:23
  • यमगंड14:14 – 15:40
  • गुलिक काल07:06 – 08:31

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:06 – 08:31
  • शुभ(शुभ)08:31 – 09:57
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:57 – 11:23
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:23 – 12:48
  • चर(सामान्य)12:48 – 14:14
  • लाभ(शुभ)14:14 – 15:40
  • अमृत(शुभ)15:40 – 17:05
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:05 – 18:31

रात

  • लाभ(शुभ)18:31 – 20:05
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:05 – 21:39
  • शुभ(शुभ)21:39 – 23:14
  • अमृत(शुभ)23:14 – 00:48 (8 फ़र॰)
  • चर(सामान्य)00:48 (8 फ़र॰) – 02:22 (8 फ़र॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:22 (8 फ़र॰) – 03:57 (8 फ़र॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:57 (8 फ़र॰) – 05:31 (8 फ़र॰)
  • लाभ(शुभ)05:31 (8 फ़र॰) – 07:05 (8 फ़र॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें