पंचांग 8 अगस्त 2026
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 अगस्त 2026 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:14
सूर्यास्त19:05
चंद्रोदय02:14 (9 अग॰)
चंद्रास्त15:05
- मास:
- आषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
- संवत्सर:
- पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- वृषभ 03:49 (9 अग॰) तक, फिर मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 13:59 तक, फिर कृष्ण एकादशी 11:05 (9 अग॰) तक
- नक्षत्र
- रोहिणी 16:51 तक, फिर मृगशीर्ष 14:43 (9 अग॰) तक
- योग
- ध्रुव 09:02 तक, फिर व्याघात 05:38 (9 अग॰) तक, फिर हर्षण 02:04 (10 अग॰) तक
- करण
- विष्टि 13:59 तक, फिर बव 00:34 (9 अग॰) तक, फिर बालव 11:05 (9 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:05
- राहु काल09:27 – 11:03
- यमगंड14:16 – 15:53
- गुलिक काल06:14 – 07:50
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:14 – 07:50
- शुभ(शुभ)07:50 – 09:27
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:03
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:40
- चर(सामान्य)12:40 – 14:16
- लाभ(शुभ)14:16 – 15:53
- अमृत(शुभ)15:53 – 17:29
- काल(वर्जित (परंपरा))17:29 – 19:05
रात
- लाभ(शुभ)19:05 – 20:29
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:29 – 21:53
- शुभ(शुभ)21:53 – 23:16
- अमृत(शुभ)23:16 – 00:40 (9 अग॰)
- चर(सामान्य)00:40 (9 अग॰) – 02:03 (9 अग॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))02:03 (9 अग॰) – 03:27 (9 अग॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:27 (9 अग॰) – 04:51 (9 अग॰)
- लाभ(शुभ)04:51 (9 अग॰) – 06:14 (9 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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