पंचांग 9 सितंबर 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

9 सितंबर 2026 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:42
चंद्रोदय05:22 (10 सित॰)
चंद्रास्त17:29
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
कर्क 15:14 तक, फिर सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 12:31 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 10:33 (10 सित॰) तक
नक्षत्र
आश्लेषा 15:14 तक, फिर मघा 14:04 (10 सित॰) तक
योग
शिव 21:52 तक, फिर सिद्ध 19:18 (10 सित॰) तक
करण
वणिज 12:31 तक, फिर विष्टि 23:30 तक, फिर शकुनि 10:33 (10 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:56परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:31 – 14:04
  • यमगंड07:53 – 09:26
  • गुलिक काल10:59 – 12:31

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:21 – 07:53
  • अमृत(शुभ)07:53 – 09:26
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:59
  • शुभ(शुभ)10:59 – 12:31
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:04
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:04 – 15:37
  • चर(सामान्य)15:37 – 17:09
  • लाभ(शुभ)17:09 – 18:42

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:42 – 20:09
  • शुभ(शुभ)20:09 – 21:37
  • अमृत(शुभ)21:37 – 23:04
  • चर(सामान्य)23:04 – 00:31 (10 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:31 (10 सित॰) – 01:59 (10 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:59 (10 सित॰) – 03:26 (10 सित॰)
  • लाभ(शुभ)03:26 (10 सित॰) – 04:54 (10 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:54 (10 सित॰) – 06:21 (10 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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