पंचांग 23 अक्टूबर 2026
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
23 अक्टूबर 2026 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:30
सूर्यास्त18:06
चंद्रोदय16:04
चंद्रास्त04:30 (24 अक्टू॰)
- मास:
- आश्विन (अमांत)
- संवत:
- शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
- संवत्सर:
- पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- तुला
- चंद्र राशि:
- कुंभ 15:04 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी 14:36 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 13:37 (24 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 21:03 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 20:32 (24 अक्टू॰) तक
- योग
- ध्रुव 22:08 तक, फिर व्याघात 20:01 (24 अक्टू॰) तक
- करण
- बालव 14:36 तक, फिर कौलव 02:12 (24 अक्टू॰) तक, फिर तैतिल 13:37 (24 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:42
- राहु काल10:51 – 12:18
- यमगंड15:12 – 16:39
- गुलिक काल07:57 – 09:24
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:30 – 07:57
- लाभ(शुभ)07:57 – 09:24
- अमृत(शुभ)09:24 – 10:51
- काल(वर्जित (परंपरा))10:51 – 12:18
- शुभ(शुभ)12:18 – 13:45
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:45 – 15:12
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:12 – 16:39
- चर(सामान्य)16:39 – 18:06
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:06 – 19:39
- काल(वर्जित (परंपरा))19:39 – 21:12
- लाभ(शुभ)21:12 – 22:45
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:45 – 00:18 (24 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)00:18 (24 अक्टू॰) – 01:52 (24 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)01:52 (24 अक्टू॰) – 03:25 (24 अक्टू॰)
- चर(सामान्य)03:25 (24 अक्टू॰) – 04:58 (24 अक्टू॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:58 (24 अक्टू॰) – 06:31 (24 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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