पंचांग 17 नवंबर 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

17 नवंबर 2026 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:42
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय12:49
चंद्रास्त00:34 (18 नव॰)
मास:
कार्तिक (अमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
मकर 15:30 तक, फिर कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 06:05 (18 नव॰) तक, फिर शुक्ल नवमी 07:06 (19 नव॰) तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 04:34 (18 नव॰) तक, फिर शतभिषा 06:10 (19 नव॰) तक
योग
वृद्धि 07:54 तक, फिर ध्रुव 08:05 (18 नव॰) तक
करण
विष्टि 17:17 तक, फिर बव 06:05 (18 नव॰) तक, फिर बालव 18:42 (18 नव॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:56 – 12:41
  • राहु काल15:08 – 16:32
  • यमगंड09:30 – 10:55
  • गुलिक काल12:19 – 13:43

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:42 – 08:06
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:06 – 09:30
  • चर(सामान्य)09:30 – 10:55
  • लाभ(शुभ)10:55 – 12:19
  • अमृत(शुभ)12:19 – 13:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))13:43 – 15:08
  • शुभ(शुभ)15:08 – 16:32
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:32 – 17:56

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:32
  • लाभ(शुभ)19:32 – 21:08
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:08 – 22:43
  • शुभ(शुभ)22:43 – 00:19 (18 नव॰)
  • अमृत(शुभ)00:19 (18 नव॰) – 01:55 (18 नव॰)
  • चर(सामान्य)01:55 (18 नव॰) – 03:31 (18 नव॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:31 (18 नव॰) – 05:06 (18 नव॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:06 (18 नव॰) – 06:42 (18 नव॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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