पंचांग 8 दिसंबर 2026
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 दिसंबर 2026 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:54
सूर्यास्त17:58
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त17:18
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
- संवत्सर:
- पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 06:21 (9 दिस॰) तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 08:46 (10 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- अनुराधा 18:16 तक, फिर ज्येष्ठा 21:00 (9 दिस॰) तक
- योग
- सुकर्मा 08:06 तक, फिर धृति 08:40 (9 दिस॰) तक
- करण
- चतुष्पद 17:15 तक, फिर नाग 06:21 (9 दिस॰) तक, फिर किंस्तुघ्न 19:32 (9 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:04 – 12:48
- राहु काल15:12 – 16:35
- यमगंड09:40 – 11:03
- गुलिक काल12:26 – 13:49
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:54 – 08:17
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:17 – 09:40
- चर(सामान्य)09:40 – 11:03
- लाभ(शुभ)11:03 – 12:26
- अमृत(शुभ)12:26 – 13:49
- काल(वर्जित (परंपरा))13:49 – 15:12
- शुभ(शुभ)15:12 – 16:35
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:35 – 17:58
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))17:58 – 19:35
- लाभ(शुभ)19:35 – 21:12
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:12 – 22:49
- शुभ(शुभ)22:49 – 00:26 (9 दिस॰)
- अमृत(शुभ)00:26 (9 दिस॰) – 02:03 (9 दिस॰)
- चर(सामान्य)02:03 (9 दिस॰) – 03:40 (9 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:40 (9 दिस॰) – 05:18 (9 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:18 (9 दिस॰) – 06:55 (9 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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