पंचांग 21 जनवरी 2027

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

21 जनवरी 2027 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:21
चंद्रोदय17:10
चंद्रास्त06:53 (22 जन॰)
मास:
पौष (अमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
मिथुन 05:09 (22 जन॰) तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 21:30 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 17:47 (22 जन॰) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 13:24 तक, फिर पुनर्वसु 10:25 (22 जन॰) तक
योग
वैधृति 18:08 तक, फिर विष्कम्भ 13:50 (22 जन॰) तक
करण
गर 11:22 तक, फिर वणिज 21:30 तक, फिर विष्टि 07:38 (22 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:23 – 13:08
  • राहु काल14:09 – 15:33
  • यमगंड07:09 – 08:33
  • गुलिक काल09:57 – 11:21

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)07:09 – 08:33
  • रोग(वर्जित (परंपरा))08:33 – 09:57
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:57 – 11:21
  • चर(सामान्य)11:21 – 12:45
  • लाभ(शुभ)12:45 – 14:09
  • अमृत(शुभ)14:09 – 15:33
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:33 – 16:57
  • शुभ(शुभ)16:57 – 18:21

रात

  • अमृत(शुभ)18:21 – 19:57
  • चर(सामान्य)19:57 – 21:33
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:33 – 23:09
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:09 – 00:45 (22 जन॰)
  • लाभ(शुभ)00:45 (22 जन॰) – 02:21 (22 जन॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:21 (22 जन॰) – 03:57 (22 जन॰)
  • शुभ(शुभ)03:57 (22 जन॰) – 05:33 (22 जन॰)
  • अमृत(शुभ)05:33 (22 जन॰) – 07:09 (22 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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