पंचांग 23 जनवरी 2027

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

23 जनवरी 2027 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:22
चंद्रोदय19:26
चंद्रास्त07:45
मास:
पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
कर्क 04:53 (24 जन॰) तक, फिर सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 14:13 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 10:57 (24 जन॰) तक
नक्षत्र
पुष्य 07:31 तक, फिर आश्लेषा 04:53 (24 जन॰) तक, फिर मघा 02:41 (25 जन॰) तक
योग
प्रीति 09:38 तक, फिर आयुष्मान 05:40 (24 जन॰) तक, फिर सौभाग्य 02:03 (25 जन॰) तक
करण
कौलव 14:13 तक, फिर तैतिल 00:32 (24 जन॰) तक, फिर गर 10:57 (24 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:23 – 13:08
  • राहु काल09:58 – 11:22
  • यमगंड14:10 – 15:34
  • गुलिक काल07:09 – 08:33

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:33
  • शुभ(शुभ)08:33 – 09:58
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:58 – 11:22
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:22 – 12:46
  • चर(सामान्य)12:46 – 14:10
  • लाभ(शुभ)14:10 – 15:34
  • अमृत(शुभ)15:34 – 16:58
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:58 – 18:22

रात

  • लाभ(शुभ)18:22 – 19:58
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:58 – 21:34
  • शुभ(शुभ)21:34 – 23:10
  • अमृत(शुभ)23:10 – 00:46 (24 जन॰)
  • चर(सामान्य)00:46 (24 जन॰) – 02:22 (24 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:22 (24 जन॰) – 03:57 (24 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:57 (24 जन॰) – 05:33 (24 जन॰)
  • लाभ(शुभ)05:33 (24 जन॰) – 07:09 (24 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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