पंचांग 9 फ़रवरी 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
9 फ़रवरी 2027 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:05
सूर्यास्त18:32
चंद्रोदय08:33
चंद्रास्त20:49
- मास:
- माघ (अमांत)
- संवत:
- शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
- संवत्सर:
- पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- कुंभ 21:17 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया 02:20 (10 फ़र॰) तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 03:05 (11 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 03:40 (10 फ़र॰) तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 04:56 (11 फ़र॰) तक
- योग
- शिव 21:43 तक, फिर सिद्ध 21:13 (10 फ़र॰) तक
- करण
- तैतिल 13:47 तक, फिर गर 02:20 (10 फ़र॰) तक, फिर वणिज 14:46 (10 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
- राहु काल15:40 – 17:06
- यमगंड09:57 – 11:22
- गुलिक काल12:48 – 14:14
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:05 – 08:31
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:31 – 09:57
- चर(सामान्य)09:57 – 11:22
- लाभ(शुभ)11:22 – 12:48
- अमृत(शुभ)12:48 – 14:14
- काल(वर्जित (परंपरा))14:14 – 15:40
- शुभ(शुभ)15:40 – 17:06
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:06 – 18:32
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:32 – 20:06
- लाभ(शुभ)20:06 – 21:40
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:40 – 23:14
- शुभ(शुभ)23:14 – 00:48 (10 फ़र॰)
- अमृत(शुभ)00:48 (10 फ़र॰) – 02:22 (10 फ़र॰)
- चर(सामान्य)02:22 (10 फ़र॰) – 03:56 (10 फ़र॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:56 (10 फ़र॰) – 05:30 (10 फ़र॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:30 (10 फ़र॰) – 07:04 (10 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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