पंचांग 5 मार्च 2027

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

5 मार्च 2027 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:50
सूर्यास्त18:41
चंद्रोदय05:24 (6 मार्च)
चंद्रास्त16:13
मास:
माघ (अमांत) · फाल्गुन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
कुंभ
चंद्र राशि:
मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 09:54 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 12:04 (6 मार्च) तक
नक्षत्र
श्रवण 04:20 (6 मार्च) तक, फिर धनिष्ठा 06:42 (7 मार्च) तक
योग
परिघ 02:42 (6 मार्च) तक, फिर शिव 03:05 (7 मार्च) तक
करण
तैतिल 09:54 तक, फिर गर 23:02 तक, फिर वणिज 12:04 (6 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:22 – 13:09
  • राहु काल11:17 – 12:46
  • यमगंड15:43 – 17:12
  • गुलिक काल08:19 – 09:48

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:50 – 08:19
  • लाभ(शुभ)08:19 – 09:48
  • अमृत(शुभ)09:48 – 11:17
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:17 – 12:46
  • शुभ(शुभ)12:46 – 14:15
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:15 – 15:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:12
  • चर(सामान्य)17:12 – 18:41

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:41 – 20:12
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:12 – 21:43
  • लाभ(शुभ)21:43 – 23:14
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:14 – 00:45 (6 मार्च)
  • शुभ(शुभ)00:45 (6 मार्च) – 02:16 (6 मार्च)
  • अमृत(शुभ)02:16 (6 मार्च) – 03:48 (6 मार्च)
  • चर(सामान्य)03:48 (6 मार्च) – 05:19 (6 मार्च)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:19 (6 मार्च) – 06:50 (6 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें