पंचांग 16 अप्रैल 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
16 अप्रैल 2027 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:17
सूर्यास्त18:51
चंद्रोदय14:41
चंद्रास्त03:32 (17 अप्रैल)
- मास:
- चैत्र (अमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मेष
- चंद्र राशि:
- कर्क 08:18 तक, फिर सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी 11:22 तक, फिर शुक्ल एकादशी 09:28 (17 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 08:18 तक, फिर मघा 07:08 (17 अप्रैल) तक
- योग
- गण्ड 02:58 (17 अप्रैल) तक, फिर वृद्धि 00:24 (18 अप्रैल) तक
- करण
- गर 11:22 तक, फिर वणिज 22:24 तक, फिर विष्टि 09:28 (17 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:59
- राहु काल11:00 – 12:34
- यमगंड15:43 – 17:17
- गुलिक काल07:51 – 09:26
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:17 – 07:51
- लाभ(शुभ)07:51 – 09:26
- अमृत(शुभ)09:26 – 11:00
- काल(वर्जित (परंपरा))11:00 – 12:34
- शुभ(शुभ)12:34 – 14:08
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:08 – 15:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:17
- चर(सामान्य)17:17 – 18:51
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:51 – 20:17
- काल(वर्जित (परंपरा))20:17 – 21:42
- लाभ(शुभ)21:42 – 23:08
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:08 – 00:34 (17 अप्रैल)
- शुभ(शुभ)00:34 (17 अप्रैल) – 01:59 (17 अप्रैल)
- अमृत(शुभ)01:59 (17 अप्रैल) – 03:25 (17 अप्रैल)
- चर(सामान्य)03:25 (17 अप्रैल) – 04:51 (17 अप्रैल)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:51 (17 अप्रैल) – 06:16 (17 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें