पंचांग 10 मई 2027

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

10 मई 2027 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:03
सूर्यास्त18:59
चंद्रोदय09:26
चंद्रास्त23:12
मास:
वैशाख (अमांत)
संवत:
शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
संवत्सर:
प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 06:23 तक, फिर शुक्ल पंचमी 03:48 (11 मई) तक, फिर शुक्ल षष्ठी 01:24 (12 मई) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 18:08 तक, फिर पुनर्वसु 16:26 (11 मई) तक
योग
धृति 20:06 तक, फिर शूल 17:00 (11 मई) तक
करण
विष्टि 06:23 तक, फिर बव 17:04 तक, फिर बालव 03:48 (11 मई) तक, फिर कौलव 14:34 (11 मई) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:56
  • राहु काल07:40 – 09:17
  • यमगंड10:54 – 12:31
  • गुलिक काल14:08 – 15:45

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:03 – 07:40
  • काल(वर्जित (परंपरा))07:40 – 09:17
  • शुभ(शुभ)09:17 – 10:54
  • रोग(वर्जित (परंपरा))10:54 – 12:31
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:08
  • चर(सामान्य)14:08 – 15:45
  • लाभ(शुभ)15:45 – 17:22
  • अमृत(शुभ)17:22 – 18:59

रात

  • चर(सामान्य)18:59 – 20:22
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:22 – 21:45
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:45 – 23:07
  • लाभ(शुभ)23:07 – 00:30 (11 मई)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:30 (11 मई) – 01:53 (11 मई)
  • शुभ(शुभ)01:53 (11 मई) – 03:16 (11 मई)
  • अमृत(शुभ)03:16 (11 मई) – 04:39 (11 मई)
  • चर(सामान्य)04:39 (11 मई) – 06:02 (11 मई)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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