पंचांग 30 मई 2027

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

30 मई 2027 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:06
चंद्रोदय02:07 (31 मई)
चंद्रास्त13:57
मास:
वैशाख (अमांत) · ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
संवत्सर:
प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
वृषभ
चंद्र राशि:
मीन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 09:35 तक, फिर कृष्ण दशमी 10:02 (31 मई) तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपदा 11:32 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 12:35 (31 मई) तक
योग
प्रीति 03:15 (31 मई) तक, फिर आयुष्मान 02:08 (1 जून) तक
करण
गर 09:35 तक, फिर वणिज 21:55 तक, फिर विष्टि 10:02 (31 मई) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:58
  • राहु काल17:28 – 19:06
  • यमगंड12:32 – 14:10
  • गुलिक काल15:49 – 17:28

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
  • चर(सामान्य)07:36 – 09:14
  • लाभ(शुभ)09:14 – 10:53
  • अमृत(शुभ)10:53 – 12:32
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:32 – 14:10
  • शुभ(शुभ)14:10 – 15:49
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:49 – 17:28
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:28 – 19:06

रात

  • शुभ(शुभ)19:06 – 20:28
  • अमृत(शुभ)20:28 – 21:49
  • चर(सामान्य)21:49 – 23:10
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:10 – 00:32 (31 मई)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:32 (31 मई) – 01:53 (31 मई)
  • लाभ(शुभ)01:53 (31 मई) – 03:14 (31 मई)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:14 (31 मई) – 04:36 (31 मई)
  • शुभ(शुभ)04:36 (31 मई) – 05:57 (31 मई)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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