पंचांग 25 जुलाई 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 जुलाई 2027 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:09
सूर्यास्त19:12
चंद्रोदय23:14
चंद्रास्त11:24
- मास:
- आषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- मीन 05:14 (26 जुल॰) तक, फिर मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 09:53 तक, फिर कृष्ण सप्तमी 10:25 (26 जुल॰) तक
- नक्षत्र
- रेवती 05:14 (26 जुल॰) तक, फिर अश्विनी 05:53 (27 जुल॰) तक
- योग
- सुकर्मा 20:03 तक, फिर धृति 19:16 (26 जुल॰) तक
- करण
- वणिज 09:53 तक, फिर विष्टि 22:14 तक, फिर बव 10:25 (26 जुल॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:07
- राहु काल17:34 – 19:12
- यमगंड12:41 – 14:18
- गुलिक काल15:56 – 17:34
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:09 – 07:47
- चर(सामान्य)07:47 – 09:25
- लाभ(शुभ)09:25 – 11:03
- अमृत(शुभ)11:03 – 12:41
- काल(वर्जित (परंपरा))12:41 – 14:18
- शुभ(शुभ)14:18 – 15:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:56 – 17:34
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:34 – 19:12
रात
- शुभ(शुभ)19:12 – 20:34
- अमृत(शुभ)20:34 – 21:56
- चर(सामान्य)21:56 – 23:18
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:18 – 00:41 (26 जुल॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:41 (26 जुल॰) – 02:03 (26 जुल॰)
- लाभ(शुभ)02:03 (26 जुल॰) – 03:25 (26 जुल॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:25 (26 जुल॰) – 04:47 (26 जुल॰)
- शुभ(शुभ)04:47 (26 जुल॰) – 06:10 (26 जुल॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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