पंचांग 16 अप्रैल 2028
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
16 अप्रैल 2028 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:16
सूर्यास्त18:51
चंद्रोदय01:25 (17 अप्रैल)
चंद्रास्त11:58
- मास:
- चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
- संवत्सर:
- कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मेष
- चंद्र राशि:
- धनु 16:14 तक, फिर मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी 09:10 तक, फिर कृष्ण अष्टमी 11:11 (17 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 09:39 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 12:13 (17 अप्रैल) तक
- योग
- सिद्ध 05:41 (17 अप्रैल) तक, फिर साध्य 06:31 (18 अप्रैल) तक
- करण
- बव 09:10 तक, फिर बालव 22:07 तक, फिर कौलव 11:11 (17 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:59
- राहु काल17:17 – 18:51
- यमगंड12:34 – 14:08
- गुलिक काल15:43 – 17:17
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:16 – 07:51
- चर(सामान्य)07:51 – 09:25
- लाभ(शुभ)09:25 – 11:00
- अमृत(शुभ)11:00 – 12:34
- काल(वर्जित (परंपरा))12:34 – 14:08
- शुभ(शुभ)14:08 – 15:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:17
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:17 – 18:51
रात
- शुभ(शुभ)18:51 – 20:17
- अमृत(शुभ)20:17 – 21:42
- चर(सामान्य)21:42 – 23:08
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:08 – 00:34 (17 अप्रैल)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:34 (17 अप्रैल) – 01:59 (17 अप्रैल)
- लाभ(शुभ)01:59 (17 अप्रैल) – 03:25 (17 अप्रैल)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:25 (17 अप्रैल) – 04:50 (17 अप्रैल)
- शुभ(शुभ)04:50 (17 अप्रैल) – 06:16 (17 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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