पंचांग 10 सितंबर 2028

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

10 सितंबर 2028 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:41
चंद्रोदय22:39
चंद्रास्त11:23
मास:
भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
संवत्सर:
कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 17:29 तक, फिर कृष्ण सप्तमी 18:10 (11 सित॰) तक
नक्षत्र
कृत्तिका 01:04 (11 सित॰) तक, फिर रोहिणी 02:11 (12 सित॰) तक
योग
हर्षण 05:10 (11 सित॰) तक, फिर वज्र 04:26 (12 सित॰) तक
करण
वणिज 17:29 तक, फिर विष्टि 05:54 (11 सित॰) तक, फिर बव 18:10 (11 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:55
  • राहु काल17:08 – 18:41
  • यमगंड12:31 – 14:03
  • गुलिक काल15:36 – 17:08

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:21 – 07:53
  • चर(सामान्य)07:53 – 09:26
  • लाभ(शुभ)09:26 – 10:58
  • अमृत(शुभ)10:58 – 12:31
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:03
  • शुभ(शुभ)14:03 – 15:36
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:36 – 17:08
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:08 – 18:41

रात

  • शुभ(शुभ)18:41 – 20:08
  • अमृत(शुभ)20:08 – 21:36
  • चर(सामान्य)21:36 – 23:03
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:03 – 00:31 (11 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:31 (11 सित॰) – 01:58 (11 सित॰)
  • लाभ(शुभ)01:58 (11 सित॰) – 03:26 (11 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:26 (11 सित॰) – 04:54 (11 सित॰)
  • शुभ(शुभ)04:54 (11 सित॰) – 06:21 (11 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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