पंचांग 18 सितंबर 2028
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
18 सितंबर 2028 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:22
सूर्यास्त18:34
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त18:06
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
- संवत्सर:
- कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- सिंह 20:36 तक, फिर कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 23:53 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 20:00 (19 सित॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाफाल्गुनी 15:23 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 12:16 (19 सित॰) तक
- योग
- साध्य 07:53 तक, फिर शुभ 03:32 (19 सित॰) तक, फिर शुक्ल 23:13 (19 सित॰) तक
- करण
- चतुष्पद 13:51 तक, फिर नाग 23:53 तक, फिर किंस्तुघ्न 09:56 (19 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:04 – 12:52
- राहु काल07:54 – 09:25
- यमगंड10:57 – 12:28
- गुलिक काल13:59 – 15:31
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:22 – 07:54
- काल(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:25
- शुभ(शुभ)09:25 – 10:57
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:57 – 12:28
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:28 – 13:59
- चर(सामान्य)13:59 – 15:31
- लाभ(शुभ)15:31 – 17:02
- अमृत(शुभ)17:02 – 18:34
रात
- चर(सामान्य)18:34 – 20:02
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:02 – 21:31
- काल(वर्जित (परंपरा))21:31 – 22:59
- लाभ(शुभ)22:59 – 00:28 (19 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:28 (19 सित॰) – 01:57 (19 सित॰)
- शुभ(शुभ)01:57 (19 सित॰) – 03:25 (19 सित॰)
- अमृत(शुभ)03:25 (19 सित॰) – 04:54 (19 सित॰)
- चर(सामान्य)04:54 (19 सित॰) – 06:23 (19 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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