पंचांग 12 अप्रैल 2029
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
12 अप्रैल 2029 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:50
चंद्रोदय05:37 (13 अप्रैल)
चंद्रास्त17:40
- मास:
- अधिक चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
- संवत्सर:
- सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 00:42 (13 अप्रैल) तक, फिर कृष्ण अमावस्या 03:10 (14 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपदा 00:15 (13 अप्रैल) तक, फिर रेवती 03:13 (14 अप्रैल) तक
- योग
- इन्द्र 02:22 (13 अप्रैल) तक, फिर वैधृति 03:16 (14 अप्रैल) तक
- करण
- विष्टि 11:28 तक, फिर शकुनि 00:42 (13 अप्रैल) तक, फिर चतुष्पद 13:56 (13 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:00
- राहु काल14:09 – 15:43
- यमगंड06:20 – 07:53
- गुलिक काल09:27 – 11:01
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:20 – 07:53
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:53 – 09:27
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:01
- चर(सामान्य)11:01 – 12:35
- लाभ(शुभ)12:35 – 14:09
- अमृत(शुभ)14:09 – 15:43
- काल(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:16
- शुभ(शुभ)17:16 – 18:50
रात
- अमृत(शुभ)18:50 – 20:16
- चर(सामान्य)20:16 – 21:42
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:42 – 23:09
- काल(वर्जित (परंपरा))23:09 – 00:35 (13 अप्रैल)
- लाभ(शुभ)00:35 (13 अप्रैल) – 02:01 (13 अप्रैल)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:01 (13 अप्रैल) – 03:27 (13 अप्रैल)
- शुभ(शुभ)03:27 (13 अप्रैल) – 04:53 (13 अप्रैल)
- अमृत(शुभ)04:53 (13 अप्रैल) – 06:19 (13 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें