पंचांग 5 सितंबर 2029

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

5 सितंबर 2029 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:45
चंद्रोदय04:00 (6 सित॰)
चंद्रास्त16:17
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
संवत्सर:
सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:31 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 21:41 (6 सित॰) तक
नक्षत्र
पुष्य 05:34 (6 सित॰) तक, फिर आश्लेषा 04:18 (7 सित॰) तक
योग
वरीयान 19:40 तक, फिर परिघ 17:12 (6 सित॰) तक
करण
कौलव 12:10 तक, फिर तैतिल 23:31 तक, फिर गर 10:41 (6 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:57परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:33 – 14:06
  • यमगंड07:53 – 09:26
  • गुलिक काल10:59 – 12:33

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:20 – 07:53
  • अमृत(शुभ)07:53 – 09:26
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:59
  • शुभ(शुभ)10:59 – 12:33
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:33 – 14:06
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:06 – 15:39
  • चर(सामान्य)15:39 – 17:12
  • लाभ(शुभ)17:12 – 18:45

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:45 – 20:12
  • शुभ(शुभ)20:12 – 21:39
  • अमृत(शुभ)21:39 – 23:06
  • चर(सामान्य)23:06 – 00:33 (6 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:33 (6 सित॰) – 02:00 (6 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))02:00 (6 सित॰) – 03:27 (6 सित॰)
  • लाभ(शुभ)03:27 (6 सित॰) – 04:53 (6 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:53 (6 सित॰) – 06:20 (6 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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