पंचांग 11 सितंबर 2029
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
11 सितंबर 2029 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:40
चंद्रोदय09:04
चंद्रास्त20:46
- मास:
- भाद्रपद (अमांत)
- संवत:
- शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
- संवत्सर:
- सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी 02:57 (12 सित॰) तक, फिर शुक्ल पंचमी 00:05 (13 सित॰) तक
- नक्षत्र
- चित्रा 16:25 तक, फिर स्वाती 14:10 (12 सित॰) तक
- योग
- ब्रह्म 19:23 तक, फिर इन्द्र 15:49 (12 सित॰) तक
- करण
- वणिज 16:31 तक, फिर विष्टि 02:57 (12 सित॰) तक, फिर बव 13:28 (12 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:55
- राहु काल15:35 – 17:08
- यमगंड09:26 – 10:58
- गुलिक काल12:31 – 14:03
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:21 – 07:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:26
- चर(सामान्य)09:26 – 10:58
- लाभ(शुभ)10:58 – 12:31
- अमृत(शुभ)12:31 – 14:03
- काल(वर्जित (परंपरा))14:03 – 15:35
- शुभ(शुभ)15:35 – 17:08
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:08 – 18:40
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:40 – 20:08
- लाभ(शुभ)20:08 – 21:35
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:35 – 23:03
- शुभ(शुभ)23:03 – 00:31 (12 सित॰)
- अमृत(शुभ)00:31 (12 सित॰) – 01:58 (12 सित॰)
- चर(सामान्य)01:58 (12 सित॰) – 03:26 (12 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:26 (12 सित॰) – 04:54 (12 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:54 (12 सित॰) – 06:21 (12 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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