पंचांग 21 सितंबर 2029
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
21 सितंबर 2029 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:31
चंद्रोदय17:33
चंद्रास्त05:53 (22 सित॰)
- मास:
- भाद्रपद (अमांत)
- संवत:
- शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
- संवत्सर:
- सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- कुंभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी 20:18 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 21:59 (22 सित॰) तक
- नक्षत्र
- शतभिषा 15:09 तक, फिर पूर्वभाद्रपदा 17:21 (22 सित॰) तक
- योग
- शूल 01:16 (22 सित॰) तक, फिर गण्ड 01:37 (23 सित॰) तक
- करण
- गर 07:35 तक, फिर वणिज 20:18 तक, फिर विष्टि 09:06 (22 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:03 – 12:51
- राहु काल10:56 – 12:27
- यमगंड15:29 – 17:00
- गुलिक काल07:54 – 09:25
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:23 – 07:54
- लाभ(शुभ)07:54 – 09:25
- अमृत(शुभ)09:25 – 10:56
- काल(वर्जित (परंपरा))10:56 – 12:27
- शुभ(शुभ)12:27 – 13:58
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:58 – 15:29
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:29 – 17:00
- चर(सामान्य)17:00 – 18:31
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:31 – 20:00
- काल(वर्जित (परंपरा))20:00 – 21:29
- लाभ(शुभ)21:29 – 22:58
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:58 – 00:27 (22 सित॰)
- शुभ(शुभ)00:27 (22 सित॰) – 01:56 (22 सित॰)
- अमृत(शुभ)01:56 (22 सित॰) – 03:25 (22 सित॰)
- चर(सामान्य)03:25 (22 सित॰) – 04:54 (22 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:54 (22 सित॰) – 06:23 (22 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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