पंचांग 23 दिसंबर 2029

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

23 दिसंबर 2029 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:03
सूर्यास्त18:04
चंद्रोदय20:20
चंद्रास्त08:43
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
संवत्सर:
सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 06:55 (24 दिस॰) तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 06:54 (25 दिस॰) तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 10:32 तक, फिर पुष्य 11:26 (24 दिस॰) तक
योग
इन्द्र 20:55 तक, फिर वैधृति 19:51 (24 दिस॰) तक
करण
वणिज 18:46 तक, फिर विष्टि 06:55 (24 दिस॰) तक, फिर बव 18:58 (24 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:11 – 12:55
  • राहु काल16:41 – 18:04
  • यमगंड12:33 – 13:56
  • गुलिक काल15:18 – 16:41

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:03 – 08:25
  • चर(सामान्य)08:25 – 09:48
  • लाभ(शुभ)09:48 – 11:11
  • अमृत(शुभ)11:11 – 12:33
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:33 – 13:56
  • शुभ(शुभ)13:56 – 15:18
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:18 – 16:41
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:41 – 18:04

रात

  • शुभ(शुभ)18:04 – 19:41
  • अमृत(शुभ)19:41 – 21:19
  • चर(सामान्य)21:19 – 22:56
  • रोग(वर्जित (परंपरा))22:56 – 00:33 (24 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:33 (24 दिस॰) – 02:11 (24 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)02:11 (24 दिस॰) – 03:48 (24 दिस॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:48 (24 दिस॰) – 05:26 (24 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)05:26 (24 दिस॰) – 07:03 (24 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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