पंचांग 6 जनवरी 2030

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

6 जनवरी 2030 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:12
चंद्रोदय08:44
चंद्रास्त20:33
मास:
पौष (अमांत)
संवत:
शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
संवत्सर:
सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
मकर 06:24 (7 जन॰) तक, फिर कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 03:26 (7 जन॰) तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 03:05 (8 जन॰) तक
नक्षत्र
श्रवण 18:29 तक, फिर धनिष्ठा 18:29 (7 जन॰) तक
योग
वज्र 02:16 (7 जन॰) तक, फिर सिद्धि 00:44 (8 जन॰) तक
करण
तैतिल 15:53 तक, फिर गर 03:26 (7 जन॰) तक, फिर वणिज 15:10 (7 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:18 – 13:02
  • राहु काल16:49 – 18:12
  • यमगंड12:40 – 14:03
  • गुलिक काल15:26 – 16:49

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:08 – 08:31
  • चर(सामान्य)08:31 – 09:54
  • लाभ(शुभ)09:54 – 11:17
  • अमृत(शुभ)11:17 – 12:40
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:40 – 14:03
  • शुभ(शुभ)14:03 – 15:26
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:26 – 16:49
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:49 – 18:12

रात

  • शुभ(शुभ)18:12 – 19:49
  • अमृत(शुभ)19:49 – 21:26
  • चर(सामान्य)21:26 – 23:03
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:03 – 00:40 (7 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:40 (7 जन॰) – 02:17 (7 जन॰)
  • लाभ(शुभ)02:17 (7 जन॰) – 03:54 (7 जन॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:54 (7 जन॰) – 05:31 (7 जन॰)
  • शुभ(शुभ)05:31 (7 जन॰) – 07:08 (7 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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