पंचांग 25 जनवरी 2031

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

25 जनवरी 2031 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:24
चंद्रोदय08:33
चंद्रास्त20:44
मास:
माघ (अमांत)
संवत:
शक 1952 · विक्रम (चैत्रादि) 2087
संवत्सर:
साधारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 01:37 (26 जन॰) तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 00:02 (27 जन॰) तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 07:37 तक, फिर शतभिषा 06:08 (26 जन॰) तक, फिर पूर्वभाद्रपदा 05:23 (27 जन॰) तक
योग
वरीयान 03:40 (26 जन॰) तक, फिर परिघ 01:13 (27 जन॰) तक
करण
तैतिल 14:41 तक, फिर गर 01:37 (26 जन॰) तक, फिर वणिज 12:44 (26 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:24 – 13:09
  • राहु काल09:58 – 11:22
  • यमगंड14:11 – 15:35
  • गुलिक काल07:09 – 08:33

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:33
  • शुभ(शुभ)08:33 – 09:58
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:58 – 11:22
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:22 – 12:46
  • चर(सामान्य)12:46 – 14:11
  • लाभ(शुभ)14:11 – 15:35
  • अमृत(शुभ)15:35 – 16:59
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:59 – 18:24

रात

  • लाभ(शुभ)18:24 – 19:59
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:59 – 21:35
  • शुभ(शुभ)21:35 – 23:11
  • अमृत(शुभ)23:11 – 00:46 (26 जन॰)
  • चर(सामान्य)00:46 (26 जन॰) – 02:22 (26 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:22 (26 जन॰) – 03:58 (26 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:58 (26 जन॰) – 05:33 (26 जन॰)
  • लाभ(शुभ)05:33 (26 जन॰) – 07:09 (26 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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