पंचांग 20 दिसंबर 2031
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
20 दिसंबर 2031 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:01
सूर्यास्त18:02
चंद्रोदय11:52
चंद्रास्त00:18 (21 दिस॰)
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत)
- संवत:
- शक 1953 · विक्रम (चैत्रादि) 2088
- संवत्सर:
- विरोधकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- कुंभ 21:29 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी 18:12 तक, फिर शुक्ल अष्टमी 16:57 (21 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 03:17 (21 दिस॰) तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 02:56 (22 दिस॰) तक
- योग
- सिद्धि 19:59 तक, फिर व्यतीपात 17:48 (21 दिस॰) तक
- करण
- गर 07:03 तक, फिर वणिज 18:12 तक, फिर विष्टि 05:30 (21 दिस॰) तक, फिर बव 16:57 (21 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:53
- राहु काल09:46 – 11:09
- यमगंड13:54 – 15:17
- गुलिक काल07:01 – 08:23
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))07:01 – 08:23
- शुभ(शुभ)08:23 – 09:46
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:46 – 11:09
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:09 – 12:31
- चर(सामान्य)12:31 – 13:54
- लाभ(शुभ)13:54 – 15:17
- अमृत(शुभ)15:17 – 16:39
- काल(वर्जित (परंपरा))16:39 – 18:02
रात
- लाभ(शुभ)18:02 – 19:39
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:39 – 21:17
- शुभ(शुभ)21:17 – 22:54
- अमृत(शुभ)22:54 – 00:32 (21 दिस॰)
- चर(सामान्य)00:32 (21 दिस॰) – 02:09 (21 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))02:09 (21 दिस॰) – 03:46 (21 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:46 (21 दिस॰) – 05:24 (21 दिस॰)
- लाभ(शुभ)05:24 (21 दिस॰) – 07:01 (21 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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