पंचांग 10 जनवरी 2032

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

10 जनवरी 2032 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:14
चंद्रोदय05:19 (11 जन॰)
चंद्रास्त15:47
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1954 · विक्रम (चैत्रादि) 2089
संवत्सर:
परिधावी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
वृश्चिक 05:19 (11 जन॰) तक, फिर धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 11:41 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 08:46 (11 जन॰) तक
नक्षत्र
अनुराधा 07:25 तक, फिर ज्येष्ठा 05:19 (11 जन॰) तक, फिर मूल 02:42 (12 जन॰) तक
योग
गण्ड 09:56 तक, फिर वृद्धि 06:21 (11 जन॰) तक, फिर ध्रुव 02:22 (12 जन॰) तक
करण
तैतिल 11:41 तक, फिर गर 22:18 तक, फिर वणिज 08:46 (11 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:19 – 13:04
  • राहु काल09:55 – 11:18
  • यमगंड14:05 – 15:28
  • गुलिक काल07:09 – 08:32

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:32
  • शुभ(शुभ)08:32 – 09:55
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:55 – 11:18
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:18 – 12:41
  • चर(सामान्य)12:41 – 14:05
  • लाभ(शुभ)14:05 – 15:28
  • अमृत(शुभ)15:28 – 16:51
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:51 – 18:14

रात

  • लाभ(शुभ)18:14 – 19:51
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:51 – 21:28
  • शुभ(शुभ)21:28 – 23:05
  • अमृत(शुभ)23:05 – 00:41 (11 जन॰)
  • चर(सामान्य)00:41 (11 जन॰) – 02:18 (11 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:18 (11 जन॰) – 03:55 (11 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:55 (11 जन॰) – 05:32 (11 जन॰)
  • लाभ(शुभ)05:32 (11 जन॰) – 07:09 (11 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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