पंचांग 15 जनवरी 2032

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

15 जनवरी 2032 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:17
चंद्रोदय09:00
चंद्रास्त21:08
मास:
पौष (अमांत)
संवत:
शक 1953 · विक्रम (चैत्रादि) 2088
संवत्सर:
विरोधकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 14:24 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 11:17 (16 जन॰) तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 14:45 तक, फिर शतभिषा 12:23 (16 जन॰) तक
योग
सिद्धि 09:04 तक, फिर व्यतीपात 05:11 (16 जन॰) तक, फिर वरीयान 01:44 (17 जन॰) तक
करण
गर 14:24 तक, फिर वणिज 00:47 (16 जन॰) तक, फिर विष्टि 11:17 (16 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:21 – 13:06
  • राहु काल14:07 – 15:30
  • यमगंड07:09 – 08:33
  • गुलिक काल09:56 – 11:20

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)07:09 – 08:33
  • रोग(वर्जित (परंपरा))08:33 – 09:56
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:56 – 11:20
  • चर(सामान्य)11:20 – 12:43
  • लाभ(शुभ)12:43 – 14:07
  • अमृत(शुभ)14:07 – 15:30
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:30 – 16:54
  • शुभ(शुभ)16:54 – 18:17

रात

  • अमृत(शुभ)18:17 – 19:54
  • चर(सामान्य)19:54 – 21:30
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:30 – 23:07
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:07 – 00:43 (16 जन॰)
  • लाभ(शुभ)00:43 (16 जन॰) – 02:20 (16 जन॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:20 (16 जन॰) – 03:56 (16 जन॰)
  • शुभ(शुभ)03:56 (16 जन॰) – 05:33 (16 जन॰)
  • अमृत(शुभ)05:33 (16 जन॰) – 07:09 (16 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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