पंचांग 7 मार्च 2032

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 मार्च 2032 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:48
सूर्यास्त18:42
चंद्रोदय03:38 (8 मार्च)
चंद्रास्त14:19
मास:
माघ (अमांत) · फाल्गुन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1953 · विक्रम (चैत्रादि) 2088
संवत्सर:
विरोधकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
कुंभ
चंद्र राशि:
धनु 01:55 (8 मार्च) तक, फिर मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण दशमी 14:27 तक, फिर कृष्ण एकादशी 11:35 (8 मार्च) तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 20:27 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 18:12 (8 मार्च) तक
योग
व्यतीपात 15:22 तक, फिर वरीयान 11:50 (8 मार्च) तक
करण
विष्टि 14:27 तक, फिर बव 01:04 (8 मार्च) तक, फिर बालव 11:35 (8 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:21 – 13:09
  • राहु काल17:13 – 18:42
  • यमगंड12:45 – 14:14
  • गुलिक काल15:43 – 17:13

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:48 – 08:18
  • चर(सामान्य)08:18 – 09:47
  • लाभ(शुभ)09:47 – 11:16
  • अमृत(शुभ)11:16 – 12:45
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:45 – 14:14
  • शुभ(शुभ)14:14 – 15:43
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:13
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:13 – 18:42

रात

  • शुभ(शुभ)18:42 – 20:13
  • अमृत(शुभ)20:13 – 21:43
  • चर(सामान्य)21:43 – 23:14
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:14 – 00:45 (8 मार्च)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:45 (8 मार्च) – 02:15 (8 मार्च)
  • लाभ(शुभ)02:15 (8 मार्च) – 03:46 (8 मार्च)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:46 (8 मार्च) – 05:17 (8 मार्च)
  • शुभ(शुभ)05:17 (8 मार्च) – 06:48 (8 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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