पंचांग 10 मार्च 2036

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

10 मार्च 2036 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:46
सूर्यास्त18:43
चंद्रोदय16:49
चंद्रास्त05:50 (11 मार्च)
मास:
फाल्गुन (अमांत)
संवत:
शक 1957 · विक्रम (चैत्रादि) 2092
संवत्सर:
राक्षस (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
कुंभ
चंद्र राशि:
कर्क 16:36 तक, फिर सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 20:16 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 17:22 (11 मार्च) तक
नक्षत्र
आश्लेषा 16:36 तक, फिर मघा 14:25 (11 मार्च) तक
योग
अतिगण्ड 07:16 तक, फिर सुकर्मा 03:41 (11 मार्च) तक, फिर धृति 00:10 (12 मार्च) तक
करण
कौलव 09:45 तक, फिर तैतिल 20:16 तक, फिर गर 06:48 (11 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:20 – 13:08
  • राहु काल08:16 – 09:45
  • यमगंड11:15 – 12:44
  • गुलिक काल14:14 – 15:43

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:46 – 08:16
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:16 – 09:45
  • शुभ(शुभ)09:45 – 11:15
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:15 – 12:44
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:44 – 14:14
  • चर(सामान्य)14:14 – 15:43
  • लाभ(शुभ)15:43 – 17:13
  • अमृत(शुभ)17:13 – 18:43

रात

  • चर(सामान्य)18:43 – 20:13
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:13 – 21:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:14
  • लाभ(शुभ)23:14 – 00:44 (11 मार्च)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:44 (11 मार्च) – 02:14 (11 मार्च)
  • शुभ(शुभ)02:14 (11 मार्च) – 03:45 (11 मार्च)
  • अमृत(शुभ)03:45 (11 मार्च) – 05:15 (11 मार्च)
  • चर(सामान्य)05:15 (11 मार्च) – 06:45 (11 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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