पंचांग 13 जनवरी 2037
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
13 जनवरी 2037 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:17
चंद्रोदय05:15 (14 जन॰)
चंद्रास्त15:52
- मास:
- पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1958 · विक्रम (चैत्रादि) 2093
- संवत्सर:
- नल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 00:02 (14 जन॰) तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी 10:37 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 11:40 (14 जन॰) तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 00:02 (14 जन॰) तक, फिर मूल 01:50 (15 जन॰) तक
- योग
- वृद्धि 18:56 तक, फिर ध्रुव 18:41 (14 जन॰) तक
- करण
- तैतिल 10:37 तक, फिर गर 23:05 तक, फिर वणिज 11:40 (14 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:21 – 13:05
- राहु काल15:30 – 16:53
- यमगंड09:56 – 11:19
- गुलिक काल12:43 – 14:06
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:33
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:33 – 09:56
- चर(सामान्य)09:56 – 11:19
- लाभ(शुभ)11:19 – 12:43
- अमृत(शुभ)12:43 – 14:06
- काल(वर्जित (परंपरा))14:06 – 15:30
- शुभ(शुभ)15:30 – 16:53
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:53 – 18:17
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:17 – 19:53
- लाभ(शुभ)19:53 – 21:30
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:30 – 23:06
- शुभ(शुभ)23:06 – 00:43 (14 जन॰)
- अमृत(शुभ)00:43 (14 जन॰) – 02:19 (14 जन॰)
- चर(सामान्य)02:19 (14 जन॰) – 03:56 (14 जन॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:56 (14 जन॰) – 05:33 (14 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:33 (14 जन॰) – 07:09 (14 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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