पंचांग 4 मई 2037

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

4 मई 2037 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:05
सूर्यास्त18:57
चंद्रोदय23:25
चंद्रास्त09:57
मास:
वैशाख (अमांत) · ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1959 · विक्रम (चैत्रादि) 2094
संवत्सर:
पिंगल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 18:27 तक, फिर कृष्ण षष्ठी 19:33 (5 मई) तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 07:11 (5 मई) तक
योग
सिद्ध 18:22 तक, फिर साध्य 18:12 (5 मई) तक
करण
कौलव 06:12 तक, फिर तैतिल 18:27 तक, फिर गर 06:55 (5 मई) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:57
  • राहु काल07:42 – 09:18
  • यमगंड10:54 – 12:31
  • गुलिक काल14:07 – 15:44

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:05 – 07:42
  • काल(वर्जित (परंपरा))07:42 – 09:18
  • शुभ(शुभ)09:18 – 10:54
  • रोग(वर्जित (परंपरा))10:54 – 12:31
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:07
  • चर(सामान्य)14:07 – 15:44
  • लाभ(शुभ)15:44 – 17:20
  • अमृत(शुभ)17:20 – 18:57

रात

  • चर(सामान्य)18:57 – 20:20
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:20 – 21:44
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:44 – 23:07
  • लाभ(शुभ)23:07 – 00:31 (5 मई)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:31 (5 मई) – 01:54 (5 मई)
  • शुभ(शुभ)01:54 (5 मई) – 03:18 (5 मई)
  • अमृत(शुभ)03:18 (5 मई) – 04:41 (5 मई)
  • चर(सामान्य)04:41 (5 मई) – 06:05 (5 मई)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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