पंचांग 24 मार्च 2041
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
24 मार्च 2041 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:35
सूर्यास्त18:46
चंद्रोदय00:47 (25 मार्च)
चंद्रास्त10:58
- मास:
- फाल्गुन (अमांत) · चैत्र (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1962 · विक्रम (चैत्रादि) 2097
- संवत्सर:
- रौद्र (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 21:15 तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी 04:44 (25 मार्च) तक, फिर कृष्ण अष्टमी 03:10 (26 मार्च) तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 21:15 तक, फिर मूल 20:34 (25 मार्च) तक
- योग
- सिद्धि 10:19 तक, फिर व्यतीपात 08:17 (25 मार्च) तक
- करण
- विष्टि 17:19 तक, फिर बव 04:44 (25 मार्च) तक, फिर बालव 16:01 (25 मार्च) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:16 – 13:05
- राहु काल17:15 – 18:46
- यमगंड12:40 – 14:12
- गुलिक काल15:43 – 17:15
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:35 – 08:06
- चर(सामान्य)08:06 – 09:38
- लाभ(शुभ)09:38 – 11:09
- अमृत(शुभ)11:09 – 12:40
- काल(वर्जित (परंपरा))12:40 – 14:12
- शुभ(शुभ)14:12 – 15:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:15
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:15 – 18:46
रात
- शुभ(शुभ)18:46 – 20:14
- अमृत(शुभ)20:14 – 21:43
- चर(सामान्य)21:43 – 23:11
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:11 – 00:40 (25 मार्च)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:40 (25 मार्च) – 02:08 (25 मार्च)
- लाभ(शुभ)02:08 (25 मार्च) – 03:37 (25 मार्च)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:37 (25 मार्च) – 05:05 (25 मार्च)
- शुभ(शुभ)05:05 (25 मार्च) – 06:34 (25 मार्च)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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