पंचांग 7 सितंबर 2042

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 सितंबर 2042 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:43
चंद्रोदय00:40 (8 सित॰)
चंद्रास्त13:35
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1964 · विक्रम (चैत्रादि) 2099
संवत्सर:
दुंदुभी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
वृषभ 16:39 तक, फिर मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 10:00 तक, फिर कृष्ण नवमी 09:08 (8 सित॰) तक
नक्षत्र
मृगशीर्ष 04:35 (8 सित॰) तक, फिर आर्द्रा 04:51 (9 सित॰) तक
योग
वज्र 15:47 तक, फिर सिद्धि 14:07 (8 सित॰) तक
करण
कौलव 10:00 तक, फिर तैतिल 21:30 तक, फिर गर 09:08 (8 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:57
  • राहु काल17:11 – 18:43
  • यमगंड12:32 – 14:05
  • गुलिक काल15:38 – 17:11

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:21 – 07:53
  • चर(सामान्य)07:53 – 09:26
  • लाभ(शुभ)09:26 – 10:59
  • अमृत(शुभ)10:59 – 12:32
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:32 – 14:05
  • शुभ(शुभ)14:05 – 15:38
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:38 – 17:11
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:11 – 18:43

रात

  • शुभ(शुभ)18:43 – 20:11
  • अमृत(शुभ)20:11 – 21:38
  • चर(सामान्य)21:38 – 23:05
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:05 – 00:32 (8 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:32 (8 सित॰) – 01:59 (8 सित॰)
  • लाभ(शुभ)01:59 (8 सित॰) – 03:26 (8 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:26 (8 सित॰) – 04:54 (8 सित॰)
  • शुभ(शुभ)04:54 (8 सित॰) – 06:21 (8 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें