पंचांग 17 नवंबर 2043

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

17 नवंबर 2043 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:41
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय18:16
चंद्रास्त06:56
मास:
कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1965 · विक्रम (चैत्रादि) 2100
संवत्सर:
रुधिरोद्गारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 23:29 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 19:40 (18 नव॰) तक
नक्षत्र
कृत्तिका 19:06 तक, फिर रोहिणी 16:01 (18 नव॰) तक
योग
परिघ 23:06 तक, फिर शिव 18:45 (18 नव॰) तक
करण
बालव 13:26 तक, फिर कौलव 23:29 तक, फिर तैतिल 09:33 (18 नव॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:56 – 12:41
  • राहु काल15:07 – 16:32
  • यमगंड09:30 – 10:54
  • गुलिक काल12:19 – 13:43

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:41 – 08:06
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:06 – 09:30
  • चर(सामान्य)09:30 – 10:54
  • लाभ(शुभ)10:54 – 12:19
  • अमृत(शुभ)12:19 – 13:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))13:43 – 15:07
  • शुभ(शुभ)15:07 – 16:32
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:32 – 17:56

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:32
  • लाभ(शुभ)19:32 – 21:08
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:08 – 22:43
  • शुभ(शुभ)22:43 – 00:19 (18 नव॰)
  • अमृत(शुभ)00:19 (18 नव॰) – 01:55 (18 नव॰)
  • चर(सामान्य)01:55 (18 नव॰) – 03:31 (18 नव॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:31 (18 नव॰) – 05:06 (18 नव॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:06 (18 नव॰) – 06:42 (18 नव॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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