पंचांग 8 अप्रैल 2044

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

8 अप्रैल 2044 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:22
सूर्यास्त18:49
चंद्रोदय15:23
चंद्रास्त04:16 (9 अप्रैल)
मास:
चैत्र (अमांत)
संवत:
शक 1966 · विक्रम (चैत्रादि) 2101
संवत्सर:
रक्ताक्षी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 15:52 तक, फिर शुक्ल द्वादशी 15:06 (9 अप्रैल) तक
नक्षत्र
मघा 03:37 (9 अप्रैल) तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी 03:43 (10 अप्रैल) तक
योग
शूल 13:21 तक, फिर गण्ड 11:36 (9 अप्रैल) तक
करण
विष्टि 15:52 तक, फिर बव 03:26 (9 अप्रैल) तक, फिर बालव 15:06 (9 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:01
  • राहु काल11:03 – 12:36
  • यमगंड15:43 – 17:16
  • गुलिक काल07:56 – 09:29

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:22 – 07:56
  • लाभ(शुभ)07:56 – 09:29
  • अमृत(शुभ)09:29 – 11:03
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:36
  • शुभ(शुभ)12:36 – 14:09
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:09 – 15:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:16
  • चर(सामान्य)17:16 – 18:49

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:49 – 20:16
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:16 – 21:43
  • लाभ(शुभ)21:43 – 23:09
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:09 – 00:36 (9 अप्रैल)
  • शुभ(शुभ)00:36 (9 अप्रैल) – 02:02 (9 अप्रैल)
  • अमृत(शुभ)02:02 (9 अप्रैल) – 03:29 (9 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)03:29 (9 अप्रैल) – 04:55 (9 अप्रैल)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:55 (9 अप्रैल) – 06:22 (9 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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