पंचांग 10 अक्टूबर 2044
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
10 अक्टूबर 2044 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:27
सूर्यास्त18:15
चंद्रोदय20:44
चंद्रास्त09:29
- मास:
- आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1966 · विक्रम (चैत्रादि) 2101
- संवत्सर:
- रक्ताक्षी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- वृषभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी 23:10 तक, फिर कृष्ण पंचमी 20:56 (11 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका 20:30 तक, फिर रोहिणी 19:00 (11 अक्टू॰) तक
- योग
- सिद्धि 20:17 तक, फिर व्यतीपात 17:20 (11 अक्टू॰) तक
- करण
- बव 12:16 तक, फिर बालव 23:10 तक, फिर कौलव 10:04 (11 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:57 – 12:44
- राहु काल07:55 – 09:24
- यमगंड10:52 – 12:21
- गुलिक काल13:49 – 15:18
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:27 – 07:55
- काल(वर्जित (परंपरा))07:55 – 09:24
- शुभ(शुभ)09:24 – 10:52
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:52 – 12:21
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:21 – 13:49
- चर(सामान्य)13:49 – 15:18
- लाभ(शुभ)15:18 – 16:46
- अमृत(शुभ)16:46 – 18:15
रात
- चर(सामान्य)18:15 – 19:46
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:46 – 21:18
- काल(वर्जित (परंपरा))21:18 – 22:49
- लाभ(शुभ)22:49 – 00:21 (11 अक्टू॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:21 (11 अक्टू॰) – 01:52 (11 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)01:52 (11 अक्टू॰) – 03:24 (11 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)03:24 (11 अक्टू॰) – 04:55 (11 अक्टू॰)
- चर(सामान्य)04:55 (11 अक्टू॰) – 06:27 (11 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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