पंचांग 1 अप्रैल 2045

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

1 अप्रैल 2045 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:28
सूर्यास्त18:48
चंद्रोदय18:31
चंद्रास्तनहीं
मास:
चैत्र (अमांत)
संवत:
शक 1967 · विक्रम (चैत्रादि) 2102
संवत्सर:
क्रोधन (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल पूर्णिमा 00:12 (2 अप्रैल) तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा 22:19 (2 अप्रैल) तक
नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी 10:46 तक, फिर हस्त 09:22 (2 अप्रैल) तक
योग
वृद्धि 09:37 तक, फिर ध्रुव 06:43 (2 अप्रैल) तक
करण
विष्टि 13:18 तक, फिर बव 00:12 (2 अप्रैल) तक, फिर बालव 11:12 (2 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:03
  • राहु काल09:33 – 11:06
  • यमगंड14:10 – 15:43
  • गुलिक काल06:28 – 08:01

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:28 – 08:01
  • शुभ(शुभ)08:01 – 09:33
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:33 – 11:06
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:06 – 12:38
  • चर(सामान्य)12:38 – 14:10
  • लाभ(शुभ)14:10 – 15:43
  • अमृत(शुभ)15:43 – 17:15
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:15 – 18:48

रात

  • लाभ(शुभ)18:48 – 20:15
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:15 – 21:43
  • शुभ(शुभ)21:43 – 23:10
  • अमृत(शुभ)23:10 – 00:38 (2 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)00:38 (2 अप्रैल) – 02:05 (2 अप्रैल)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:05 (2 अप्रैल) – 03:32 (2 अप्रैल)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:32 (2 अप्रैल) – 05:00 (2 अप्रैल)
  • लाभ(शुभ)05:00 (2 अप्रैल) – 06:27 (2 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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