पंचांग 3 दिसंबर 2045
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
3 दिसंबर 2045 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:51
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय02:41 (4 दिस॰)
चंद्रास्त13:54
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1967 · विक्रम (चैत्रादि) 2102
- संवत्सर:
- क्रोधन (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 22:37 तक, फिर कृष्ण एकादशी 20:59 (4 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तराफाल्गुनी 09:51 तक, फिर हस्त 08:48 (4 दिस॰) तक
- योग
- प्रीति 09:29 तक, फिर आयुष्मान 06:52 (4 दिस॰) तक
- करण
- वणिज 11:30 तक, फिर विष्टि 22:37 तक, फिर बव 09:47 (4 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:46
- राहु काल16:33 – 17:56
- यमगंड12:24 – 13:47
- गुलिक काल15:10 – 16:33
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:51 – 08:14
- चर(सामान्य)08:14 – 09:38
- लाभ(शुभ)09:38 – 11:01
- अमृत(शुभ)11:01 – 12:24
- काल(वर्जित (परंपरा))12:24 – 13:47
- शुभ(शुभ)13:47 – 15:10
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:10 – 16:33
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:33 – 17:56
रात
- शुभ(शुभ)17:56 – 19:33
- अमृत(शुभ)19:33 – 21:10
- चर(सामान्य)21:10 – 22:47
- रोग(वर्जित (परंपरा))22:47 – 00:24 (4 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:24 (4 दिस॰) – 02:01 (4 दिस॰)
- लाभ(शुभ)02:01 (4 दिस॰) – 03:38 (4 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:38 (4 दिस॰) – 05:15 (4 दिस॰)
- शुभ(शुभ)05:15 (4 दिस॰) – 06:52 (4 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
अपनी कुंडली देखें